Your eyes linked us at first sight, but you never said that I am yours at least in this life. Still I am searching for the love again this time , It must be You , I wish with every heartbeat . Though I need Sleep because I couldn`t wake up after the first sight.
एक उम्र बीत चुकी है तुझे चाहते हुए तू क्यूं नहीं देखता मुझे, सबको देखते हुए तू आज भी बेखबर है सब जानते हुए एक उम्र बीत चुकी है तुझे चाहते हुए मैं रोज़ देखती हूँ तुझे घर आते हुए तू आज भी बेखबर है सब जानते हुए एक उम्र बीत चुकी है तुझे चाहते हुए और कई रातें निकल गयी हैं तुझे सोचते हुए तू आज भी बेखबर है सब जानते हुए एक उम्र बीत चुकी है तुझे चाहते हुए कल हिम्मत कर चली ही गयी थी घर तुम्हारे, सबके वहां होते हुए तू आज भी बेखबर है सब जानते हुए एक उम्र बीत चुकी है तुझे चाहते हुए पर कहना चाहती थी कल वो बात तुमसे, सबके सामने होते हुए कि तू आज भी बेखबर है सब जानते हुए एक उम्र बीत चुकी है तुझे चाहते हुए एक बार सुन ले मेरे दिल की जाते हुए के अब ना मैं रोक पाऊँगी इस दिल को धड़कते हुए तू आज भी बेखबर है सब जानते हुए
बातें जैसे कभी-कभी वजीराबाद के जाम में फसकर तुम्हारे साथ, थोड़ा ज्यादा समय बिता लिया करते थे अच्छा लगता था लेकिन इस "सिगनेचर ब्रिज" ने तो सब बातों पर पानी फेर दिया हैं बात शुरू ही हुई होती है कि विश्वविद्यालय आ जाता हैं
प र्बत चोटियों पर हवाएँ चली आती हैं कभी-कभी, हलचल करती, बिनबुलाये, यूँ ही | सुकून?... अब क्या बताएँ! जैसे आ जाती है कभी-कभी, तुम्हारी याद, बिनबुलाये, यूँ ही |
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