Political Poem: Devyani
गिरगिट खिलवाड़ नहीं सिर्फ, उम्मीदों से अरमानो से या किसानो से यह तो खेल गए उस ऊँगली से भी जो चौदाह में दबाई, एक भरोसे का बटन वो कहते है, अच्छे दिन तोह आगए , मैं पूछती हूँ पर कहा गए? क्या मोदी चाचा-अम्बानी ताऊ के साथ खा गए ? उन्नीस आ बैठा है गिरगिट की तरह, इतना समझलो भाजपा बोहुत मज़ा करलिया तुमने राज का होगया जितना होना था घाटा पड़ेगा सबके लिए तुम्हे अब जनता का करारा चाटा